मंगळवार, १९ मे, २०२६

बातचीत १९०५२०२६ yq १३:०३:०७

बातचीत

आज खुद में इतिहास समेटे
ऐसी कई इमारतें खामोश है !

याद कर स्वर्णिम अतीत को
परिंदों से बातचीत करती हैं !

ऐसाही हाल कुछ बुजुर्गों का
जमाने में आजकल होता है !

अकेलेपन के, बोझ के साथ
अंदर ही अंदर रोते रहता है !

©शिवाजी सांगळे 🦋 papillon
संपर्क: +९१ ९५४५९७६५८९

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