हिसाब किताब
मोहब्बत की आख़िरी चिठ्ठी
शायद, मैंने तुम्हें लिखी थी,
पढीं थी,या अनदेखी कर दी
जिम्मेदारी तो तुम्हारी ही थी!
लिखा था उसमें अपना हाल
और,पुछा था तुम्हारा हाल!
इंतजार करते वक्त बीत गया
कुछ न हुआ,हुए दोनों बेहाल!
अब तो सारे मायने बदल गए
चिठ्ठियाँ और पत्र लिखने के,
सिर्फ एक मोबाइल कॉल पर
हिसाब किताब होतें हैं प्यार के!
©शिवाजी सांगळे 🦋 papillon
संपर्क: +९१ ९५४५९७६५८९

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